Posts

Manoj Tiwari: कभी साइकिल खरीदने के नहीं थे पैसे, जाने अभिनेता से नेता बनने तक का सफर

Image
मनोरंजन जगत के बेहतरीन कलाकारों में से एक मनोज तिवारी आज किसी परिचय के मोहताज नही है. बता दे की मनोज तिवारी को खास तौर पर भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार के रूप में देखा जाता है. जिसमे उन्होंने बहुत सारे फिल्मो में काम किया है. और लोग उन्हें पसंद भी करते है. जैसा की आप सब जानते ही है की मनोज तिवारी एक राजनेता और संगीत निर्देशक भी है. जिसमे उनका करियर बहुत ही बढ़िया रहा है. आपको बता दे की भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार मनोज तिवारी 17वीं लोकसभा के सदस्य हैं. जो की उन्होंने अपने मेहनत के दम पर ये सब हासिल किया है.                                 और पढ़े... 

बैगा जनजाति के लोग जंगल को बचाने के लिए पेड़ों को भाई-बहन क्यों बनाया इस जनजाति की दिलचस्प कहानी

Image
मध्य प्रदेश में एक जनजाति है बैगा. ये राज्य के डिंडोरी ज़िले में पाई जाती है और इसकी गिनती कमजोर आदिवासी समूह में होती है. पोंडी गांव में बसी इस जनजाति की बस यही एक ख़ासियत नहीं है.  ये पूरी दुनिया में अपने अनोखे जंगल बचाओ अभियान और ख़ुद के आत्मनिर्भर होने के लिए भी जानी जाती है, जिसकी शुरुआत आज से कई साल पहले हुई थी. चलिए जानते हैं इस ख़ास जनजाति और इसके अनोखे अभियान के बारे में… आत्मनिर्भर बनी इस जनजाति के जंगल बचाओ अभियान की शुरुआत साल 2006 में हुई थी. इसे 4 क्लास ड्राप आउट एक महिला उजियारो बाई केवटिया ने शुरू की थी. उन्होंने एक NGO के साथ मिलकर इसकी शुरुआत की थी जब वो यहां पर पानी को संरक्षित करने के इरादे से यहां आई थी. मगर उनके इस मकसद में रुकावट आईं जिसका मुख्य कारण जंगल की कटाई या फिर धीरे-धीरे उनका कम होना था.                     और पढ़े.. 

हर साल फ़रवरी में क्यों होता है बजट रोचक है इतिहास, जानिए पहली बार किसने किया था पेश

Image
आपको बता दें कि देश की आज़ादी के 75 साल में सबसे पहली बार बजट  26 नवम्बर 1947  में पेश किया गया था. इसे तत्कालीन वित्त मंत्री  आके शणमुखम शेट्टी  ने पेश किया था. हालांकि, आज़ाद भारत का पहला बजट काफ़ी मायनों में आज के बजट से अलग था. आइए आपको देश के पहले बजट की पूरी कहानी विस्तार से बताते हैं.                               पढ़ना जारी रखे,,,,,, 

वो अनोखा गांव, जहां आज भी है ‘पांचाली विवाह’ का प्रचलन

Image
भारत  में आज भी कई के अल्पसंख्यक समुदाय बहुपतित्व की प्राचीन हिंदू परंपरा का पालन कर रहे हैं, जो कभी भारत में व्यापक रूप से प्रचलित थी. पुरुष प्रधान क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के आमतौर पर एक से अधिक पति होते हैं. ऐसा माना जाता है कि भाईचारे की बहुपति प्रथा लोकप्रिय संस्कृत महाकाव्य  ‘महाभारत’  से उत्पन्न हुई, जिसमें पंच के राजा की बेटी द्रौपदी ने अपने पांच भाइयों से  ‘पांचाली विवाह’  विवाह किया था. ये भी माना जाता है कि ये प्रथा परिवार में खेत रखने का एक तरीका है. आधुनिकता की प्रगति ने अधिकांश क्षेत्रों में इस प्राचीन प्रथा को काफ़ी हद तक समाप्त कर दिया है, लेकिन भारत, चीन और तिब्बत समेत कुछ देशों में महिलाओं की कमी ने इस परंपरा को पत्नी खोजने में आने वाली कठिनाइयों के समाधान के रूप में जीवित रखा है.                               पढ़ना जारी रखे,,,,,, 

शादी में अग्नि को नहीं पानी को साक्षी मानकर लिए जाते हैं फेरे

Image
हमारे देश ( India ) में विभिन्न संस्कृति, प्रथाओं, कलाओं, धर्म, भाषा के लोग हैं. यही वजह है कि यहां के अलग़-अलग़ हिस्से की परंपराएं आपको एक-दूसरे से बिल्कुल जुदा दिखेंगी. यही हाल शादियों का भी है. शादियों के दौरान भी आपको देश के कोने-कोने में बिल्कुल अलग़ परंपराएं और रस्में दिखेंगी. हालांकि, ज़्यादातर जगहों पर हमने कपल्स को अग्नि को साक्षी मानते हुए शादी की रस्में पूरी करते हुए देखा है.                           और पढ़े.... 

90% लोगो के गलत जवाब क्या आपको सही जवाब पता है

Image
इस फोटो में आपको ये बताना है की इस फोटो मे सबसे पहले पानी कौन पियेगा

15 सेकंड का वीडियो देखे प्रतिदिन कमाएं एक हजार

Image
*E MOVIE PLAN* एक ऐसा प्लेटफार्म जहाँ आप Release होने वाले फिल्मों को Promote करके पैसे कमा सकते है रोजाना 1 डॉलर की कमाई 5 डॉलर होने पर अपने पैसे सीधा अपने बैंक अकाउंट में ले Join होने के लिए Link पर click करें और अपना Account बनाएं किसी भी तरह का Help के लिए मुझे Whatsapp करें https://h5.emovieplan.net?code=GD5BA5J0                                 Register Now